रायपुर, छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राज्य के लिए एक व्यापक और महत्वाकांक्षी दीर्घकालिक विकास रोडमैप ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ जारी किया, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाना है, जिसके तहत आर्थिक रूप से मजबूत, सामाजिक रूप से समतामूलक और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ राज्य बनाने के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं; इस विजन डॉक्यूमेंट को तीन प्रमुख चरणों (2030, 2035 और 2047) में बांटा गया है, पहले चरण में राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) की वृद्धि दर को दोहरे अंकों में बनाए रखने, सुशासन के लिए सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल करने, कुपोषण को कम करने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने, और सभी जिलों को बेहतर सड़कों से जोड़ने जैसे अल्पकालिक लक्ष्य शामिल हैं, जबकि मध्यम चरण में छत्तीसगढ़ को खनिज और कृषि उत्पादों के लिए मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने तथा ऊर्जा जरूरतों के लिए नवीकरणीय स्रोतों पर निर्भरता बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया है, जबकि अंतिम लक्ष्य प्रति व्यक्ति आय को राष्ट्रीय औसत से ऊपर ले जाना और गरीबी को लगभग समाप्त करना है, वहीं दूसरी ओर, इस योजना के तहत कृषि क्षेत्र के रूपांतरण के लिए सिंचाई तकनीक को बढ़ावा देने और किसानों की आय को दोगुना करने पर विशेष बल दिया गया है
हालांकि, इस महत्वपूर्ण विजन डॉक्यूमेंट पर विधानसभा में विपक्ष ने इसे ‘काल्पनिक’ बताते हुए चर्चा का बहिष्कार कर दिया, जिससे इसके सफल कार्यान्वयन के लिए राजनीतिक सहमति की चुनौती बनी हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक दक्षता और जनता के सहयोग से इस विजन को ज़मीन पर उतारने का संकल्प व्यक्त किया है।
