रायपुर- रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में बनाई गई चौपाटी को भारी विरोध प्रदर्शन के बीच नगर निगम रायपुर ने हटा दिया है। इस चौपाटी का निर्माण कांग्रेस के कार्यकाल में हुआ था। करीब 10 करोड़ की लागत से 60-70 दुकानें बनाई गई थीं जिसे रायपुर नगर निगम ने शनिवार को JCB से तोड़ दिया।
कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन
NIT चौपाटी को हटाने के लिए निगम का अमला बुलडोजर लेकर जैसे ही पहुंचा तो कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लेकर मौके पर पहुंच गए और चौपाटी हटाने का विरोध किया । कांग्रेस नेता बुलडोजर के सामनेलेटकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओ को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने प्रेस वार्ता की, कांग्रेस का कहना है कि यह चौपाटी नहीं बल्कि 19 करोड़ की लागत से बना यूथ हब है. कांग्रेस ने दावा किया कि यूथ हब का प्लान स्मार्ट सिटी और प्रशासन ने 2017 में तैयार किया था। कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय का कहना है, यूथ हब में बच्चों के पढ़ने के लिए जगह बनाई गई थी. यहां खाने की व्यवस्था भी थी. चार साल में कभी कोई व्यवधान नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई पूर्व मंत्री और विधायक राजेश मूणत के जिद में की गई है ।
कार्रवाई से सैकड़ों परिवार प्रभावित
कांग्रेस प्रदेश महामंत्री सुबोध हरितवाल ने दावा किया कि कार्रवाई से 350 से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए हैं। सुबोध का कहना है इन परिवारों को ब्रिज के नीचे भेजा गया। जबकि वह जमीन रेलवे की है. रेलवे ने अनुमति नहीं दी । परिवार अब दोहरी समस्या में फंसे हैं ।
10 करोड़ का ईगो तुड़वा दिया जबकि 100 करोड़ का स्काईवॉक बचा
पूर्व मेयर प्रमोद दुबे ने कहा कि राजेश मूणत ने 10 करोड़ का ईगो तुड़वा दिया । जबकि 100 करोड़ का स्काईवॉक बचा हुआ है। उनका कहना है कि स्काईवॉक वैध और चौपाटी अवैध कैसे हो गई। उन्होंने कहा कि निर्माण का DPR उस समय नेता प्रतिपक्ष रही मीनल चौबे की मौजूदगी में बना था। निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने इसे तुगलकी फरमान बताया ।
चौपाटी के विरोध में थे विधायक राजेश मूणत
चौपाटी के विरोध में बीजेपी के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री राजेश मूणत शुरू से थे। वहीं, व्यापारी, कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत अन्य लोग चौपाटी के समर्थन में थे। विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने वादा किया था कि राज्य में सरकार बनते ही चौपाटी हटाने का काम तेज गति से किया जाएगा।
भविष्य को लेकर चिंतित दुकानदार, लोन लेकर खोली थी दुकान
NIT से आमानाका ओवरब्रिज के नीचे शिफ्ट की गई चौपाटी के कारण कारोबारियों को अपना भविष्य अंधकारमय नजर आने लगा है। आमानाका में दुकानें पहुंचने के बाद भी किसी कारोबारी ने अपनी दुकान नहीं खोली। उनका कहना है कि दुकान का सामान जमाने में ही पूरा दिन निकल गया। यह जगह लोगों के लिए नई होगी, ऐसे में ग्राहक आने में समय लगेगा। कुछ कारोबारियों ने लोन और उधार लेकर दुकान खोली थी।
