अंबिकापुर/सरगुजा : अंबिकापुर जिले के लखनपुर क्षेत्र में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की अमेरा ओपनकास्ट कोल खदान के विस्तार को लेकर आज (3 दिसंबर 2025) ग्रामीण और पुलिस प्रशासन आमने-सामने आ गए। यह विरोध हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें 40 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए, वहीं कुछ ग्रामीण भी चोटिल हुए हैं।
जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंची थी टीम
SECL प्रबंधन ने खदान विस्तार के लिए अधिग्रहित जमीन पर कब्जा लेने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और लगभग 500 पुलिसकर्मियों के भारी बल के साथ परसोढ़ी कला गांव का रुख किया। पुलिस टीम को देखते ही ग्रामीण, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएँ शामिल थीं, आक्रोशित हो गए। उन्होंने अपनी जमीन छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। तनाव बढ़ने पर ग्रामीणों ने पुलिस बल पर लाठी-डंडों, पत्थरों और गुलेल से हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में अपर कलेक्टर और एडिशनल एसपी (ASP) समेत 25 से 40 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
वर्ष 2001 से चल रहा है विवाद
यह विवाद आज का नहीं, बल्कि वर्ष 2001 में शुरू हुए भूमि अधिग्रहण से जुड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि SECL ने अमेरा खदान विस्तार के लिए वर्ष 2001 में भूमि अधिग्रहण किया था, लेकिन 20 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मात्र 19% किसानों को ही मुआवजा मिला है। साथ ही, प्रभावित परिवारों को नौकरी देने का वादा भी पूरा नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और SECL जबरन उनकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उन्हें उनके हक़ नहीं दिए गए हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि SECL प्रबंधन ने हाल ही में किसानों की खड़ी धान की फसल पर बुलडोजर चलाकर खुदाई का प्रयास किया था, जिसका उन्होंने पहले भी कड़ा विरोध किया था।
ग्रामीण पुरसोढ़ी कला की महिला लीलावती ने कहा कि वे अपनी पुश्तैनी मिट्टी नहीं छोड़ेंगे। उनका कहना है कि “हमारे पुरखे इसी ज़मीन पर रहते थे, अब हमारा पूरा गाँव उजड़ जाएगा। हम जमीन बचाने के लिए जान दे देंगे।”
SECL का दावा है कि जमीन का अधिग्रहण 2001 में ही हो चुका है। जिन किसानों ने मुआवजा नहीं लिया है, उनकी मुआवजा राशि ट्रिब्यूनल में जमा करने की अनुमति मिल चुकी है, इसलिए जमीन पर कब्जा लेना कानूनी रूप से सही है। फिलहाल, इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत कर मामले को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं।
