खबर छत्तीसगढ़
No Result
View All Result
खबर छत्तीसगढ़
No Result
View All Result
खबर छत्तीसगढ़
No Result
View All Result
Home देश

Indigo flight crisis: पायलटों की कमी पड़ी भारी, डीजीसीए का कड़ा एक्शन

Indigo flight crisis: पायलटों की कमी पड़ी भारी, डीजीसीए का कड़ा एक्शन

नई दिल्ली/रायपुर, छत्तीसगढ़: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) पिछले कई दिनों से एक बड़े परिचालन संकट (Operational Crisis) का सामना कर रही है, जिसके कारण देश भर में हजारों उड़ानें रद्द या देरी से चल रही हैं। इस संकट ने लाखों यात्रियों को हवाई अड्डों पर फँसा दिया है और यात्रा व्यवस्था को पूरी तरह से चरमरा दिया है। सरकार और विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) को इस स्थिति में हस्तक्षेप करना पड़ा है।

संकट की मुख्य वजह: नए ड्यूटी नियम और पायलटों की कमी

इंडिगो के इस व्यापक परिचालन संकट की मुख्य वजह विमानन नियामक डीजीसीए द्वारा हाल ही में लागू किए गए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियम हैं। 1 नवंबर 2025 से लागू हुए ये नए नियम, पायलटों की थकान को कम करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं। इन नियमों में मुख्य रूप से साप्ताहिक आराम की अवधि 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे करना और रात में उड़ान भरने वाले पायलटों के लिए ड्यूटी घंटों को सीमित करना शामिल है। इंडिगो, जो अपने व्यापक नेटवर्क और रात की उड़ानों पर बहुत अधिक निर्भर करती है, इन कड़े नियमों के अनुरूप पर्याप्त पायलटों की भर्ती और रोस्टरिंग (रोस्टर प्रबंधन) में चूक गई। पायलटों की कमी के कारण एक उड़ान रद्द हुई, जिससे क्रू का रोस्टर बिगड़ा, और यह गड़बड़ी पूरे नेटवर्क में फैल गई। इसके साथ ही, कोहरे का मौसम और त्यौहारी सीजन की मांग ने संकट को और गहरा कर दिया।

हताहत और व्यापक असर

शुक्रवार (5 दिसंबर) को यह संकट चरम पर पहुँच गया, जब 1000 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं। रविवार (7 दिसंबर) को भी यह सिलसिला जारी रहा और 600 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर हजारों यात्री फंसे रहे। यात्रियों ने घंटों इंतजार करने, खराब संचार और यहां तक कि लापता सामान (Misplaced Baggage) की शिकायतें कीं। इंडिगो की क्षमता कम होने के कारण अन्य एयरलाइंस के टिकट के दाम आसमान छूने लगे, जिससे आम यात्रियों की जेब पर भारी बोझ पड़ा।

डीजीसीए ने इंडिगो को नोटिस जारी कर जवाब मांगा

यात्रियों की दुर्दशा और सार्वजनिक आक्रोश को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए ने तुरंत हस्तक्षेप किया, डीजीसीए ने इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स और अकाउंटबल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस (Show-Cause Notice) जारी किया, जिसमें खराब योजना और संसाधन प्रबंधन में चूक के लिए एयरलाइन को जिम्मेदार ठहराया गया। सरकार ने टिकटों की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए किराए की अधिकतम सीमा (Fare Cap) निर्धारित कर दी है। सरकार ने इंडिगो को 7 दिसंबर, शाम 8 बजे तक सभी रद्द उड़ानों का रिफंड प्रक्रिया पूरी करने का सख्त निर्देश दिया। इंडिगो ने पुष्टि की है कि उसने अब तक ₹610 करोड़ से अधिक के रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर दी है। स्थिति को सामान्य करने के लिए, डीजीसीए ने इंडिगो को अस्थायी रूप से कुछ नाइट-ड्यूटी नियमों से छूट दी है, जो 10 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी।

इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा, “हम इस बड़े परिचालन संकट के लिए गहराई से माफी मांगते हैं। यह गलत अनुमान और योजना में कमी के कारण हुआ।” उन्होंने भरोसा दिलाया है कि 10 दिसंबर तक परिचालन सामान्य होने की उम्मीद है।

यह संकट भारतीय विमानन इतिहास में सबसे बड़ी परिचालन विफलताओं में से एक बन गया है, जिसने यात्रियों के अधिकारों और एयरलाइन की जवाबदेही पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।

Tags: DGCAIndigo flight crisis
Send
खबर छत्तीसगढ़

© 2025 Khabar Media, Noida

Navigate Site

Follow Us

No Result
View All Result
  • न्यूज रूम
  • देश
    • नई दिल्ली
  • प्रदेश
  • राजनीति
  • जिला
    • रायपुर
    • भिलाई
    • बिलासपुर
    • अंबिकापुर
    • सूरजपुर
    • बस्तर
    • सुकमा
    • बीजापुर
    • नारायणपुर
  • खेल

© 2025 Khabar Media, Noida

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?
-
00:00
00:00

Queue

Update Required Flash plugin
-
00:00
00:00