रायपुर, छत्तीसगढ़: आपत्तिजनक और भड़काऊ बयानों से जुड़े मामले में पिछले करीब 26 दिनों से फरार चल रहे छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष और ‘जोहार छत्तीसगढ़’ पार्टी के संस्थापक अमित बघेल को आज (5 दिसंबर 2025) रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बघेल अपने समर्थकों के साथ रायपुर के देवेंद्र नगर पुलिस थाने में आत्मसमर्पण (Surrender) करने पहुँचे थे, लेकिन पुलिस ने उनके सरेंडर करने से ठीक पहले उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस इस कार्रवाई को औपचारिक गिरफ्तारी बता रही है, जबकि समर्थकों का दावा है कि बघेल ने खुद सरेंडर किया है। सरेंडर की खबर मिलते ही देवेंद्र नगर थाने और कोर्ट परिसर के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जमा हो गए, जिन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। गिरफ्तारी के तुरंत बाद, पुलिस ने अमित बघेल को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान पुलिस उनसे मामले से जुड़े तथ्यों और बयानों पर पूछताछ करेगी।
अमित बघेल को यह कदम सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद उठाना पड़ा। 26 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) को खारिज कर दिया था और टिप्पणी की थी कि उन्हें अपनी “जुबान पर लगाम” लगानी चाहिए और सभी 12 राज्यों में दर्ज FIR की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
मातृ-वियोग के बीच सरेंडर
बताया जा रहा है कि अमित बघेल की माँ का आज (5 दिसंबर 2025) निधन हो गया है। इस मातृ-वियोग के चलते बनी संवेदनशील स्थिति के कारण ही उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का सामना करने का निर्णय लिया। न्यायिक रिमांड मिलने के बाद, अमित बघेल को पुलिस कस्टडी में ही उनकी माँ के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके पैतृक गांव पथरी ले जाया जाएगा।
