रायपुर, छत्तीसगढ़: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे अंतर्राष्ट्रीय (ODI) सीरीज के दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया को एक शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 358 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, लेकिन इसके बावजूद दक्षिण अफ्रीका ने यह लक्ष्य केवल 49.2 ओवरों में हासिल कर लिया और 4 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। यह दक्षिण अफ्रीका द्वारा भारत में किया गया सबसे बड़ा सफल रन चेज (Highest successful run-chase) है, और भारत का 350+ स्कोर बनाकर हारने का यह दूसरा मौका है।
कोहली और गायकवाड़ का शानदार शतक
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए दो बल्लेबाजों ने शानदार शतक जड़े, विराट कोहली ने लगातार अपना दूसरा और करियर का 53वां ODI शतक (102 रन, 93 गेंद) पूरा किया। तो वही रुतुराज गायकवाड़ ने अपने वनडे करियर का पहला शतक लगाते हुए 105 रन (83 गेंद) की बेहतरीन पारी खेली। कोहली और गायकवाड़ ने तीसरे विकेट के लिए 195 रनों की रिकॉर्ड तोड़ साझेदारी की।
फिनिशिंग टच– कप्तान केएल राहुल ने भी बैक-टू-बैक अर्धशतक जड़ते हुए 43 गेंदों पर नाबाद 66 रनों की तेज पारी खेली, जिससे टीम इंडिया 358/5 के स्कोर तक पहुँची।
दक्षिण अफ्रीका की पारी
359 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया, जिसके नायक थे एडेन मार्करम। मार्करम ने 110 रनों (98 गेंद) की जुझारू पारी खेलकर जीत की नींव रखी और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इसके अलावा, मैथ्यू ब्रीत्जके (68) और डेवाल्ड ब्रेविस (54) ने भी अर्धशतकीय पारियां खेलकर टीम को जीत के करीब पहुँचाया। निचले क्रम में कॉर्बिन बॉश ने सूझबूझ से बल्लेबाजी करते हुए अफ्रीकी टीम को 4 गेंद शेष रहते जीत दिला दी।
भारत की हार के मुख्य कारण
खराब गेंदबाजी: भारतीय तेज गेंदबाजों ने खुलकर रन लुटाए। प्रसिद्ध कृष्णा ने 8.5 ओवरों में 82 रन और हर्षित राणा ने 10 ओवर में 70 रन दिए। कुलदीप यादव भी महंगे साबित हुए।
टॉस और ओस (Dew Factor): टॉस हारने के कारण भारत को पहले बल्लेबाजी करनी पड़ी। दूसरी पारी में मैदान पर भारी ओस गिरने लगी, जिससे भारतीय गेंदबाजों को गेंद पकड़ने और नियंत्रण करने में भारी मुश्किल हुई और रन बनाना आसान हो गया।
खराब फील्डिंग: भारतीय फील्डर्स ने कई मौकों पर मिसफील्ड किया। सबसे बड़ी गलती तब हुई जब यशस्वी जायसवाल ने एडेन मार्करम का आसान कैच टपका दिया, जबकि वह केवल 53 रन पर खेल रहे थे। इस गलती का खामियाजा भारत को मार्करम के शतक के रूप में भुगतना पड़ा।
निचले मध्यक्रम की धीमी गति: पूर्व क्रिकेटरों ने रवींद्र जडेजा की 27 गेंदों पर 24 रन की नाबाद पारी की आलोचना की, उनका मानना है कि इस चरण में भारत 20-30 रन कम बना पाया, जो अंत में निर्णायक साबित हुआ।
गेंदबाजों की असफलता: जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाजों की गैर-मौजूदगी में युवा भारतीय गेंदबाजी आक्रमण दबाव को संभाल नहीं पाया।
अब यह सीरीज 1-1 से बराबर हो गई है। सीरीज का निर्णायक (Decider) मुकाबला 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा। क्या आप उस मैच की जानकारी जानना चाहेंगे?
