रायपुर, छत्तीसगढ़: 7 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के चौथे मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) का राजनीतिक सफर समर्पण, सादगी और जमीनी जुड़ाव का प्रतीक है। सरगुजा संभाग के एक साधारण आदिवासी किसान परिवार से निकलकर राज्य के शीर्ष पद तक पहुँचना उनकी लंबी राजनीतिक यात्रा और मजबूत संगठनात्मक पकड़ को दर्शाता है।
प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि
विष्णु देव साय का जन्म 21 फरवरी 1964 को छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के छोटे से गाँव बागिया में हुआ। उनका परिवार कृषि और आदिवासी परंपराओं से गहराई से जुड़ा रहा है।
- पारिवारिक विरासत: उनका परिवार शुरू से ही सार्वजनिक सेवा में रहा है। उनके दादा स्वर्गीय बुधन साय विधायक रह चुके थे, जबकि उनके बड़े भाई, स्वर्गीय राम विचार साय, भी ग्राम पंचायत के सरपंच थे।
- शिक्षा: उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जशपुर में पूरी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह कृषि कार्य में लग गए।
राजनीतिक सफर की शुरुआत
विष्णु देव साय ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत 1980 के दशक के अंत में ग्राम पंचायत स्तर से की।
- पहला कदम: 1989 में, वह अपने गृह ग्राम बागिया के सरपंच चुने गए। इसके बाद, वह 1990 में तपकरा क्षेत्र से अविभाजित मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य (MLA) चुने गए।
- विधायक (MLA): वह 1990 से 1998 तक दो बार विधायक रहे।
- सांसद (MP): 1999 में, उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा और रायगढ़ (सुरक्षित सीट) से सांसद चुने गए। इसके बाद वह लगातार चार बार (1999, 2004, 2009 और 2014) सांसद रहे।
केंद्र और राज्य में प्रमुख पद
केंद्र और राज्य दोनों ही जगहों पर विष्णु देव साय ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभालीं:
| कार्यकाल | पद | विवरण |
| 2014-2019 | केंद्रीय राज्य मंत्री | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में, उन्होंने इस्पात (Steel), खान (Mines) और श्रम एवं रोजगार (Labour and Employment) जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। |
| 2006-2014 | प्रदेश अध्यक्ष (BJP) | वह दो बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष रहे, जहाँ उन्होंने संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। |
मुख्यमंत्री पद तक का सफर
2019 में लोकसभा चुनाव न लड़ने के बाद, उन्होंने संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया। 2023 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने जशपुर की कुनकुरी सीट से शानदार जीत हासिल की।
- आदिवासी चेहरा: सरल और विनम्र स्वभाव के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े आदिवासी नेता होने के कारण, पार्टी आलाकमान ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में चुना। उनकी नियुक्ति को संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और आदिवासी वोटों को साधने की रणनीति के तौर पर देखा गया।
- शपथ ग्रहण: उन्होंने 7 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के चौथे मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।
व्यक्तित्व और पहचान
विष्णु देव साय की पहचान एक जमीनी नेता के रूप में होती है, जो हमेशा कार्यकर्ताओं और आम जनता के लिए सुलभ रहते हैं। उनकी स्वच्छ छवि, बेदाग रिकॉर्ड और केंद्र तथा राज्य के शीर्ष नेतृत्व के साथ मजबूत समन्वय, उन्हें छत्तीसगढ़ के विकास पथ पर आगे बढ़ने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
उनका राजनीतिक करियर दिखाता है कि कैसे एक छोटे से गाँव का सरपंच, लगन और निष्ठा से देश और राज्य की सबसे बड़ी कुर्सियों तक पहुँच सकता है।
